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Definitional Dictionary of Surgical Terms (English-Hindi) (CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

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Bronchogram

श्वसन-चित्रण
फेफड़ों तथा श्वास-नलियों का एक्स-रे-चित्र।

Bronchography

श्वसनचित्रीकरण
ऐक्स-रे द्वारा श्वसनी वृक्ष (bronchial tree) चित्रण, जो श्वसनी में अपारदर्शी माध्यम (opaque medium) डालकर (installation) किया जा है।

Broncholithiasis

श्वसनी-अश्मरीयता
श्वसनी के अन्दर पथरी (calculi) का बन जाना।

Bronchoplasty

श्वसनी विरोहण
श्वासनली में उत्सन्न दोष को शल्य क्रिया द्वारा ठीक करना।

Bronchorhagia

श्वसनी-रक्त-स्राव
श्वसनी (bronchus) से रक्त-स्राव (haemorrhage) का होना।

Bronchoscope

श्वसनीदर्शी
एक यंत्र जिससे श्वसनी के भीतर के भाग को देखा जाता है।

Bronchotomy

श्वसनीछेदन
शस्त्रकर्म द्वारा श्वसनी का छेदन करना जो सामन्य रूप से अन्तः शल्य (foreign body) को निकालने के लिये किया जाता है।

Bubonocele

अपूर्ण वंक्षण हर्निया
अपूर्ण तिर्यक वक्षण हर्निया (indirect inguinal hernia) जो वंक्षण नलिका (inguinal canal) तक ही सीमित रहती है। यह पूरी हर्निया नहीं है तथा जांघ और पेट के जोड़ पर होता है।

Buccal Cavity (Mouth Cavity)

मुख-गाहर, मुख-गुहिका
ग्रसनी तक फैला हुआ मुख के अंदर का अवकाश/कशेरुकीयों में इसके भीतर दांत, जिह्वा आदि अंग होते हैं।

Buccal Gland

मुख-ग्रंथि
(1) श्लेष्म झिल्ली की द्राक्षगुच्छ-जैसी छोटी श्लेष्म ग्रंथि, जो अंतः कपोल को स्तर बनाती है।
(2) कपोलिका (Buccinator) पेशी के निकट स्थित लसिका ग्रंथियों में से एक ग्रंथि।

Bucnemia

श्लीपद/श्लीपदवत् पादशोथ
अधः पाद प्रदेश में होने वाल शोथ।

Bulldog Clamp

बुलडॉग संदंश
एक अनभिघाती (atraumatic) संदंश जिसका उपयोग रक्त-वाहिकाओं का सम्मिलन (anastomosis) करते समय धमनी के कटे हुए सिरे को पकड़ने में किया जाता है।

Bullet Forceps

गोली संदंश
एक संदंश, जिसका उपयोग शरीर से गोली को निकालने में किया जाता है।

Bunion

बुनियन
किसी बाह्य श्लेष-पुटी (adventitious bursa) का बार-बार मामूली चोट लग जाने के कारण सूज जाना। यह सूजन आमतौर पर दबाव वाले स्थानों पर, जैसे अंगुठे, एडी के पीछे के हिस्से, कोडनी के नुकीले भाग और घुटने के सामने वाले हिस्से पर मिलती है। इलाज में इस श्लेषपुटी को काट कर बाहर निकाल दिया जाता है।

Bunionectomy

बुनियन-उच्छेदन
जोड़ के बुनियान को काटना।

Burger’S Exercise

बर्गर व्यायाम
इसमें दो मिनट के लिए टांग को ऊपर उठा दिया जाता है तथा खाट के बगल से दो मिनट के लिए टांग नीचे कर दी जाती है। इस तरह इस क्रिया को 30 मिनट तक प्रतिदिन दो या तीन बार दोहराया जाता है। इसके द्वरा भी स्थानिक अरक्तक शाखा में रक्तप्रवाह को प्रेरणा मिलती है।

Burger’S Position

बर्गर स्थिति
एक पद्धति, जिसके द्वारा निम्न शाखा की स्थानिक अरक्तता (पैरों में रक्त की कमी-ischaemia of the lower limb) में निष्क्रिय रक्ताधिक्य (passive congestion) प्रेरित किया जाता है। खाट के सिराहाने को सारे दिन या एक दो घण्टे के लिए 15 से.मी. ऊपर उठा देते हैं। द्रवस्थैतिक द्रवाधिक्य (hydrostatic congestion) अथवा जल के अधिक दबाव के साथ रक्त प्रवाह में कुछ बढ़ोत्तरी हो जाती है।

Burkitt Tumour

बरकिट अर्बुद
यह लसीका पर्व की दुर्दम वृद्धि (malignant growth) हैं जो आफ्रीका के बच्चों में देखी जाती है। इस वृद्धि का कारण एक विशिष्ट प्रकार का विषाणु (virus) मान गया है। लाक्षणिक रूप से यह अर्बुद आमतौर पर जबड़ों (jaw) को प्रभावित करता है और गुरदों तथा डिम्ब-प्रन्थयों पर असर डालता हुआ पेट (उदर) के अर्बुद के रूप में दिखाई देता है। एक्स-रे चिकित्सा तथा कोशिकाविषी (cytotoxic) औषधियों का प्रयोग किया जाता है।

Burn

दग्ध या जलना
दग्ध (जलना) भी एक चोट है जो तापीय (thermal), रासायनिक (chemical) तथा बिजली के (वैधयुत्), अभिघातों (trauma) से पैदा होती है। चोट की गहराई को देखकर हम इसे ऊपरी तथा गहरे दो वर्गों में बांट सकते हैं। जलन का फैलाव बदन के हिस्से (अर्थात् कम या अधिक) पर निर्भर है। बदन से ज्यादा हिस्से के जलने से मरीज को स्तब्धता या (शॉक) पहुंचता है। इसके इलाज में जले हुए हिस्से की पूरी देखभाल के साथ-साथ सामान्य पुनरुज्जीवनीय उपायों (general resuscitative measure) को अपनाना चाहिए। यदि शॉक की अवस्था हो, तो उसका तुरन्त इलाज करना चहिए। मरीजों की मृत्यु प्रायः जलने के कारण न होकर शॉक तथा डर के कारण होती है। इसलिये पुनरुज्जीवनीय उपायों (फिर से जिन्दा रखने के तरीकों) को काम में लाना चाहिये।

Bursitis

श्लेष्मपुटीशोथ
श्लेष्मपुटी का शोथ साधारण, चिरकारी या तीव्र सपूय (acute suppurative) तेजी से बनने वाले पीप के साथ हो सकता है। तीव्र श्लेष्मपुटी शोथ चोट लग जाने के बाद या अनभ्यास व्यायाम के बाद हो सकता है उदाहरण के तौर पर पार्ष्र्जी-कंडरा के सामने वाली श्लेज़पुटी (bursa anterior to tendocalcaneous) । चिरकारी या पुराना शोथ हल्की चोटों के बार-बार होने के बाद हो जाता है। तीव्र सपूय शोथ (acute suppurative inflammation) वेधक क्षत (भेदने वाले जख्मों) द्वारा या स्थानिक अधस्त्वक् (चमड़ें के नीचे) संक्रमण (local subcutaneous infection) द्वारा फैलने से होता है।

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