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Definitional Dictionary of Surgical Terms (English-Hindi) (CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

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Transillumination

पार-प्रदीपन
शरीर-ऊतकों की परीक्षा (examination) के लिए उनकी प्रदीपन करना। इससे ये ऊतक, परीक्षक के नेत्रों तथा प्रकाश के स्रोत के बीच आ जाते हैं।

Transplant Surgery

प्रतिरोप शस्त्रकर्म शल्यकर्म
जीवित ऊतकों (tissues) तथा अंगों (organs) के प्रतिरोपण (transplantation) से सम्बन्धित शस्त्रकर्म।

Transurethral Resection

पार-मूत्रमार्ग उच्छेदन
एक शस्त्रकर्म जिसमें गुहांतदर्शी यन्त्र (endoscopic instrument) को मूत्रमार्ग में डालकर, उसकी सहायता से पुरस्थ ग्रन्थि (prostatic gland) का उच्छेदन किया जाता है।

Traumatic Cataract

अभिघात जन्य लिंगनाश
वह मोतिया बिन्दु जो अभिघात के कारण उत्पन्न होता है।

Traumatic-Pneunothorax

अभिघातज वातवक्ष
इस अवस्था में वायु परिफुप्फुस (Pleural cavity) में छाती दीवाल में घाव के कारण या अधिकांशतः चोट लगे फेफड़े से रिसने के कारण पहुंच जाती है। यदि यह चोषक व्रण (sucking wound) के कारण है तो उस को तुरन्त अंतर्रोधी पैड के जरिये बन्द कर देना चाहिये। बृहत् वातवक्ष में अन्तरापर्शुक (दो पसलों के बीच) निकास (intercostal drainage) की आवश्यकती होती है।

Trendelenburg’S Operation

ट्रेंडेलेनबर्ग शस्त्रकर्म
इस शस्त्रकर्म से अपस्फीत शिराओं (varicose veins) का उपचार किया जाता है। इसमें बहुत से बंधन (ligation) होते हैं जिसमें अधःशाखा-और्वी शिरा संगम (saphenofemoral junction) का बंधन भी शामिल है। इसके अलावा अपस्फीत शिराओं (varicosed veins) का उच्छेदन भी किया जाता है। इस शस्त्रकर्म की जगह अब दूसरा ञपरेशन किया जाता है जिसे अपस्फीत शिराओं का छीलना (stripping of the varicose veins) कहते हैं, जिसमें पूरी-पूरी अधःशाखा को छील दिया जाता है।

Trephine Operation

ट्रेफाइन शस्त्रकर्म
यह शस्त्रकर्म तेज, नुकीले यंत्र-ट्रिफाइन के द्वारा करोटि (skull) में एक द्वार (opening) बनाने के लिए किया जाता है।

Triangular Bandage

त्रिकोण पट्टी
त्रिभुज आकार की पट्टी जो बाह को लटकाने काम आता है।

Trismus

हनुस्तम्भ
इस बीमारी में मुंह नहीं खुल पाता है। इसका कारण शंख-अधोहनु सन्धि (temperomanidibular joint) या जबड़ें के जोड़ के आसपास की पेशियों, प्रावरणी तथा ग्रन्थियों में हो सकता है। यह टिटनेस की भी एक मुख अभिव्यक्ति है अर्थात् टेटनस में भी मुंह नहीं खुल पाता है। इसका इलाज कारण के मुताबिक ही होता है।

Trocar

ट्रोकार
यह नुकीला औजार (यंत्र) जिसका इस्तेमाल प्रवेशनी (canula) के साथ निदान अथवा चिकित्सा के लिए गुहा (cavity) में प्रवेश करने के लिए किया जाता है।

Trophic Ulcers

अपोषणज व्रण
ये व्रण संरक्षी पीड़ा संवेदना, जो आम-तौर पर वाहिका हीनताओं (vascular deficiencies) तथा बहुंतत्रिकाशोथ ग्रस्त रोगियों में मिलती है, व्रण शरीर के दाब क्षेत्रों (pressure areas) पर देखे जाते हैं। प्राथमिक अवस्था तथा घाव की स्थानिक देखरेख इसकी चिकित्सा में शामिल हैं। कुछ रोगियों में त्वचा निरोपण (skin grafting) की आवश्यकता पड़ सकती है। प्रभावित भागों को चोट (क्षति) से बचाने पर इन व्रणों का विकास रोका जा सकता है। कभी-कभी ये व्रण गहरे ऊतकों के अन्दर प्रवेश कर जाते हैं और अस्थियों एवं संधियों (जोड़ों) तक पहुंच कर अस्थिमज्जाशोथ (osteomyelitis) उत्पन्न कर देते हैं। इनको वेधी व्रण (perforating ulcers) कहते हैं। विभिन्न व्रण विशिष्ट संक्रमणों, जैसे सिफिलिस तथा यक्ष्मा (तपेदिक), के परिणाम स्वरूप बनते हैं। इनकी चिकित्सा कारणानुसार की जाती है।

True Aneurysm

यथार्थ ऐन्यूरिज्म
इसमें एक धमनी (अच्छे खून की कमी) में एक स्थान पर यथार्थ रूप से विस्फार (dilatation) होता है, अर्थात् धमनी एक जगह फूल जाती है। यह तर्कुरूपी (dissecting) प्रकार का हो सकता है।

Tube

नली अथवा नलिका
एक लम्बा, खोखला, बेलनाकार अंग (यथा देकिआल ट्युब) या यन्त्र।

Tubercular Cystitis

यक्ष्मज मूत्राशयशोथ
यह वृक्क यक्ष्मा (गुर्दे की तपेदिक –renal tuberculosis) के बाद होता है और यदि इस बीमारी का इलाज जल्दी न किया जाए तो चिरकारी मूत्राशयशोथ का एक विशेष रुप बन जाता है ओर आगे चलकर संकुचित मूत्राशय (contracted bladder) हो जाता है।

Tuberculous Peritonitis

यक्ष्मज पुर्युदशोथ
एक चिरकारी पर्युदयाशोथ, जो यक्ष्मा संक्रमण (Tuberculous infection) के फस्वरुप होता है। संक्रमण आमतौर पर यक्ष्माज विकारस्थान (focus), आंत्रयोजनी लसीका पवों या वृहदान्त्र(bowel) से होता है। यह तीन प्रकार का बताया गया है- (1) जलोदरिक (asitic), (2) आसंजी या प्लास्टिक (adhesive or plastic) तथा(3) पुटीमय(encysted)। चिकित्सा में यक्ष्मारोधी (antitubercular) उपचार किया जाता है। जलोदर में पर्युदयो गुहा का टेपिंग करतें हैं, कभी उदरच्छेदन (laparotomy) भी किया जाता है।

Tumour

अर्बुद
अर्बुद (या गांठ) ऊतकों का अपसामान्य पिंह है। यह बद़ता ही जाता है और सामान्य़ ऊतकों से इस बद़ोतरी काम भी नहीं होता और न इसका कोई खास अंत ही होता है। अर्बुद ,सुदम(benign), जैसे वसार्बुद(lipoma) ,तंत्रिका-तन्तु-अर्बुद(neuro-fibroma) या रक्त-वाहिकार्बुद (hemangioma) अथवा दुर्दम (malignant) जैसे कार्सिनोमा या सकोंमा

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