भारतीय भाषाओं द्वारा ज्ञान

Knowledge through Indian Languages

Dictionary

Definitional Dictionary of Metallurgy (English-Hindi) (CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

A B C D E F G H I J K L M N O P Q R S T U V W X Y Z

Alloy

मिश्रातु
धात्विक गुणधर्मों वाला कोई पदार्थ। यह दो या अधिक तत्वों का बना होता हैं जिसमें कम से कम एक धातु होता है। धातु में अन्य तत्वों को मिलाने का उद्देश्य मिश्रातु में कठोरता, मजबूती, चर्मलता आदि विशेष गुणधर्म उत्पन्न करना है। पीतल कांसा, इस्पात आदि इसके मुख्य उदाहरण हैं।

यूटेक्टिक मिश्रातु (Eutectic alloy)– ऐसा मिश्रातु जिसका संघटन साम्य-आरेख पर यूटेक्टिक बिंदु द्वारा व्यक्त किया जाता है तथा जो यूटेक्टिक अभिक्रिया करता है जैसे AL-Si, Sl-Sn; Cu-Al

यूटेक्टॉयड मिश्रातु (Eutectoid alloy)– ऐसा मिश्रातु जिसका संघटन साम्य आरेख पर यूटेक्टॉयड बिंदु द्वारा व्यक्त किया जाता है तथा जो युटेक्टॉयड अभिक्रिया करता है, जैसे Fe–0.8% C.

पेरिटेक्टिक मिश्रातु (Peritectic alloy)- ऐसा मिश्रातु जिसका संघटन साम्य-आरेख पर पेरिटेक्टिक बिंदु द्वारा व्यक्त किया जाता है तथा जो पेरिटेक्टिक अभिक्रिया करता है, जैसे Pb-Bi; Cu-Sn; Sb-Sn; Ag-Zn.

पेरिटेक्टॉयड मिश्रातु (Peritectoid alloy)- ऐसा मिश्रातु जिसका संघटन साम्य आरेख पर पेरिटेक्टॉयड बिंदु द्वारा व्यक्त किया जाता है तथा जो पेरिटेक्टॉयड अभिक्रिया करता है।

ठोस विलयन (Solid solution)- एकल ठोस समांग क्रिस्टलीय प्रावस्था जिसमें दो या अधिक रासायनिक तत्व होते हैं जिनका संघटन बदलता रहता है जैसे Cu-Ni, Au-Ag, Fe-C (ऑस्टेनाइट)। यदि घटकों की परमाणु त्रिज्याओं में 12% से अधिक अंतर हो तो प्रतिस्थापनीय ठोस विलयन (Substitutional solid solution) बन सकते हैं। यदि आमाप में बहुत अंतर हो तो अंतराली विलेय (Interstitial solute) बन सकते हैं।

Alloying

मिश्रात्वयन
किसी धातु में सामान्यतया गलित अवस्था में अन्य धातु अथवा उपधातु को मिलाने का प्रक्रम। शुद्ध धातुओं के सीमित अनुप्रयोग हैं जबकि मिश्रातुओं का इंजीनियरी उद्योग में अत्यंत महत्व है। इस्पात सबसे उपयोगी मिश्रातु है जो लोहे और कार्बन के मिश्रण से बनता है। इसी प्रकार ताम्र मूलक मिश्रातुओं में पीतल और कांसा प्रमुख हैं तथा ऐलुमिनियम मूलक मिश्रांतुओं में ऐलुमिनियम-सिलिकन मिश्रातु प्रमुख हैं जिसका प्रयोग पिस्टन बनाने में होता है।

Alloying element

मिश्रात्वन तत्व
गुणधर्मों को बदलने के उद्देश्य से किसी धातु अथवा मिश्रातु में मिलाया जाने वाला तत्व जो उस धातु अथवा मिश्रातु में समाविष्ट रहता है।

Alloy steel

मिश्रातु इस्पात
वह इस्पात जिसमें एक या एक से अधिक मिश्रात्वन धातु मिलाए जाते हैं ताकि वांछित भौतिक, यांत्रिकीय और रासायनिक गुणधर्म प्राप्त हो सकें जो अन्यथा केवल लोहे तथा कार्बन से प्राप्त नहीं होते। प्रमुख मिश्रातु इस्पात इस प्रकार हैं–

उच्च मिश्रातु इस्पात (High alloy steel)– इन इस्पातों में मिश्रात्वन तत्व की कुल मात्रा 5% से अधिक होती है।

अल्प मिश्रातु इस्पात (Low alloy steel)– इन इस्पातों में मिश्रात्वन तत्व की कुल मात्रा 5% से कम होती है।

सूक्ष्म मिश्रातु इस्पात (Micro alloy steel)– इन इस्पातों मे मिश्रात्वन तत्व की मात्रा 0.1% से कम होती है।

Alnico

ऐल्निको
एक फेरस मिश्रातु जिसमें 20% तक निकैल, 20% तक कोबाल्ट, 15% तक ऐलुमिनियम, कुछ टाइटेनियम और शेष लोहा होता है। यह पर्याप्त चुंबकशील होता है और चुंबकत्वावशेष बहुत अधिक होता है। इसका उपयोग स्थायी चुंबको के लिए किया जाता है।

Alnico’ alloy

ऐल्निको मिश्रातु
जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी द्वारा निर्मित स्थायी चुंबक मिश्रातुओं की एक श्रेणी। इन मिश्रातुओं में मुख्यतः ऐलुमिनियम, निकेल, कोबाल्ट तथा लोहा होता है परंतु इनमें कुछ अन्य घटक भी हो सकते हैं।

Alpax

ऐल्पैक्स
ऐलुमिनियम मिश्रातु, जिसमें 10-13.5% सिलिकन होता है। ये उत्तम संक्षारणरोधी और संचकन गुणों वाले होते हैं। संशोधित रूप में इनका प्रयोग उच्च सामर्थ/ भार अनुपात के संचकों में होता है।

Alpha brass

ऐल्फा पीतल
ऐसे ताम्र-जस्ता मिश्रातु जिनमें 38% तक जस्ता होता है। ये तांबे में जस्ते के समांग ठोस विलयन होते हैं। सर्वाधिक प्रयुक्त ऐल्फा पीतल में 30-37% जस्ता होता है। इस प्रकार के अन्य महत्वपूर्ण मिश्रातु हैं– स्वंर्णपट्टन धातु (10-15% जस्ता), ऐलुमिनियम पीतल (22% जस्ता और 2% ऐलुमिनियम), ऐडमिरेल्टी पीतल (29% जस्ता और 1% टिन)। इन सभी मिश्रातुओं का प्रयोग अतप्त कर्मण (Cold working) के लिए होता है। इस पीतल में केवल एक ही ठोस विलयन प्रावस्था होती है। इसमें अच्छी तनन सामर्थ रहती है तथा ठंडी अवस्था में पर्याप्त तन्यता होती है। तारों, चादरों, पट़टियों और नलिकाओं के बनाने के लिए यह अधिक उपयुक्त है।

Alpha bronze

ऐल्फा कांसा
ताम्र मिश्रातुओं की श्रेणी जिसमें 14% तक Sn होता है। ये फॉसफोरस से विऑक्सीकृत होते हैं और इनका आसानी से अतप्त कर्मण होता है। इनका उपयोग संघनित्र नलियों और कमानियों को बनाने में होता है।

Alpha ferrite

ऐल्फा फैराइट
देखिए- Ferrite

Alpha iron

ऐल्फा लोह
देखिए– Iron के अंतर्गत

Alplate process

ऐल्प्लेट प्रक्रम
इस्पात एवं नाइक्रोम मिश्रातुओं पर ऐलुमिनियम, मैग्नीशियम और बेरिलियम आदि का लेप करने का एक पेटेन्ट प्रक्रम। इसमें इस्पात-पृष्ठों को 1,000°C पर हाइड्रोजन संतृप्त कर दिया जाता है और फिर इस्पात को कम ताप पर पिघले ऐलुमिनियम के कुंड में डुबाया जाता है। ठंडे पिघले ऐलुमिनियम के साथ संपर्क के समय निकली हाइड्रोजन, ऑक्साइड की पृष्ठ-परतों को अपचरित कर देती है। ऑक्साइड के बनने को ऐलुमिनियम रोकता है और उत्तम लेप उत्पन्न करता है।

Alrak process

ऐल्रैक प्रक्रम
ऐलुमिनियम और ऐलुमिनियम मूल के मिश्रातुओं के पृष्ठ को रासायनिक क्रिया द्वारा सुरक्षित रखने का प्रक्रम। इसमें उपयुक्त वस्तुओं को 5% सोडियम कार्बेनट और 1% सोडियम क्रोमेट के उबलते विलयन में डुबाया जाता है।

Alumel

ऐलुमेल
एक निकैल मूलक मिश्रातु जिसमें लगभग 2.5% मैंगनीज, 2% ऐलुमिनियम तथा 1% सिलिकन होता है। इस मिश्रातु का प्रयोग मुख्यतः तापयुग्मों के घटक के रूप में किया जाता है।

Alumilite process

ऐलुमिलाइट प्रक्रम
हल्की धातुओं के लिए प्रयुक्त एक ऐनोडी ऑक्सीकरण प्रक्रम। इसमें सल्फ्यूरिक अम्ल विलयन का विद्युत-अपघट्य के रूप में प्रयोग किया जाता है।

Aluminal

ऐलुमिनल
ऐलुमिनियम के संचक मिश्रातुओं और पिटवाँ मिश्रातुओं का व्यापारिक नाम। इनमें Al, Cu और Si के अतिरिक्त Ti, Fe, Mn, Mg, Ni, और Zn में से एक अथवा अधिक धातुएँ होती हैं। ये मजबूत और संक्षारणरोधी होते हैं। इनका उपयोग रूपदा-संचकन और सामान्य अनुप्रयोग के अलावा जलयानों के निर्माण में होता है।

Aluminising

ऐलुमिनन
ऐलुमिनियम फुहारन द्वारा कार्बन इस्पात या मिश्रातु इस्पात के पृष्ठ को संसिक्त करने का प्रक्रम जिसके फलस्वरूप उच्च ताप पर फ्लू गैसों द्वारा होने वाले ऑक्सीकरण और संक्षारण से रक्षा की जा सके। यह लोह-ऐलुमिनियम परत सामान्यतया 0.635-0.762 मिमी मोटी होती है। इस प्रक्रम का उद्देश्य 1000°C से अधिक ताप पर इस्पात पर बनने वाली पपड़ी को रोकना है। इस लेप में निम्नांकित तीन परतें होती है–
1. निचली परत में इस्पात पर लोह और ऐलुमिनियम का ठोस विलयन संलीन रहता है।
2. बीच की परत में Fe Al3 मिश्रातु रहता है जिसमें मुक्त ऐलुमिनियम की कुछ अधिकता रहती है।
3. अंत में सबसे ऊपर ऐलुमिनियम ऑक्साइड की पतली परत होती है।

Aluminite process

ऐलुमिनाइट प्रक्रम
हल्की धातुओं के लिए प्रयुक्त एक ऐनोडी ऑक्सीकरण प्रक्रम। इसमें सल्फ्यूरिक अम्ल विलयन का विद्युत अपघट्य के रूप में प्रयोग होता है।

Aluminium bronze

ऐलुमिनियम कांसा
देखिए– Bronze के अंतर्गत

Aluminium solder

ऐलुमिनियम सोल्डर
कम गलनांक वाले वंग मिश्रातुओं की श्रेणी जिसमें कैडमियम, यशद: यशद, ऐलुमिनियम: यशद, बिस्मथ अथवा ऐलुमिनियम, तांबा और यशद होता है। इनका उपयोग ऐलुमिनियम और उसके मिश्रातुओं के लिए मृदु सोल्डर के रूप में किया जाता है।

Search Dictionaries

Loading Results

Follow Us :   
  Download Bharatavani App
  Bharatavani Windows App