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Definitional Dictionary of Metallurgy (English-Hindi) (CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

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Kaldo converter

काल्डो परिवर्तित
देखिए– Converter

Kaldo process

काल्डो प्रक्रम
स्वीडन में विकसित इस्पात निर्माण का एक ऑक्सीजन प्रक्रम जो काल्डो परिवर्तित्र में किया जाता है। इसमें ऑक्सीजन-प्रधार को घूर्णी परिवर्तित में रखे गलित धातु के पृष्ठ पर डाला जाता है ताकि उच्च फासफोरस युक्त (1.8%) कच्चे लोहे से कार्बन और फॉस्फोरस साथ-साथ पृथक हो जाएँ। इसके लिए कच्चे लोहे को चूने के साथ क्षारकीय आस्तर वाले भ्राष्ट्र में डाला जाता है। वायु के स्थान पर ऑक्सीजन के प्रयोग से धातु का नाइट्रोजन अथवा हाइड्रोजन से संदूषण नहीं होता और विकृति काल-प्रभावन, चादरी धातु के अतप्त कर्मण के समय ल्यूडर रेखाओं का बनना, तथा हाइड्रोजन-भंगुरण की समस्याएँ कम हो जाती हैं।

Kalling Domnarfvet process

कालिंग डोम्नार्फवेट प्रक्रम
गरम धातु के विगंधकन का प्रक्रम जिसमें चूर्णित दग्ध चूना विर्गधकन कर्मक का काम करता है। धमन भट्टी से गरम धातु को एक लैडल में निकाल कर क्षैतिज स्थिति में स्थित, घूर्णी भट्टी में डाल दिया जाता है। इस घूर्णी भट्टी को विभिन्न वेगों से घुमाया जा सकता है लगभग 2% सूक्ष्म चूर्णित दग्ध चूना, 0.5% कोक का चूरा मिलाकर, भ्राष्ट्र को सील कर दिया जाता है ताकि वायुमंडल का संपर्क न रहे। फिर भट्टी को घुमाया जाता है। धातु में विद्यमान गंधक, चूने के साथ संयुक्त हो जाता है। इस उपचार में लगभग 30मिनट लगते हैं।

Killing’s process

कालिंग प्रक्रम
लोक अयस्कों के अपचयन की पुरानी विधि जिसमें घान को विद्युत द्वारा गरम किया जाता था। इसमें एक घूर्णी भट्टे में अयस्क और कार्बन पदार्थ के मिश्रण के घान को दो चक्रिका निर्मित इलेक्ट्रोडों के बीच गरम किया जाता था। अब इस विधि का प्रयोग नहीं किया जाता।

Kanthal alloy

कन्थाल मिश्रातु
विद्युत रोधी मिश्रातुओं के वर्ग का नाम जिसमें 25% क्रोमियम, 5% ऐलुमिनियम, 3% कोबाल्ट और शेष शुद्ध लोहा होता है। इनका उपयोग भट्टियों और विद्युत तापन अवयवों में विद्युतरोधी पदार्थों के रूप में होता है मानक साइज के रिबन या तार के रूप में इनका रुक रुक कर उपयोग किया जा सकता है किंतु कम ताप पर लगातार इस्तेमाल किया जा सकता है। ये अच्छे संक्षारणरोधी होते हैं किंतु उच्च ताप पर तनन-सामर्थ्य कम होने के कारण, तापित अवयवों को आधार देना आवश्यक होता है।

Kaolinite

कैओलिनाइट
ऐलुमिना का जलयोजित सिलिकेट, यह बहुत बारीक मुलायम, मृदामय पदार्थ के छोटे आभासी षट्फलकीय प्लेटों के रूप में पाया जाता है जो इस्तेमाल करने से चूर्ण बन जाता है। गरम करने पर पहले नमी निकल जाती है और कोलॉइडी पदार्थ स्कंदित हो जाता है। 500°C पर कैओलिनाइट के अपघटन से अजल पदार्थ प्राप्त होता है। 800°C ताप पर ऐलुमिना का बहुलकन होने लगता है जिसके साथ-साथ संकुचन भी होता है। 1000°C से ऊपर सिलिका और ऐलुमिना संयुक्त होकर सिलिमैराइट बनाते हैं। सिलिमैनाइट 1500°C के आसपास कठोर पत्थर के समान पदार्थ में सिन्टरित हो जाता है जो लगभग 1650°C पर मुलायम होने लगता है। आपेक्षिक घनत्व 2.6।

Karakane alloy

करकने मिश्रातु
ताम्र मिश्रातुओं की एक श्रेणी जिनमें तांबा, जस्ता, वंग और सीसा और कभी-कभी (3%तक) लोहा भी होता है। इनकी अवमंदन क्षमता होती है। इन्हें आसानी से ढाला और मशीनित किया जा सकता है। इनका उपयोग घंटियों और वाद्य-यंत्रों को बनाने में होता है।

Kettle oxidation

केतली ऑक्सीकण
देखिए– Tossing

Keen’s alloy

कीन मिश्रातु
एक ताम्र मिश्रातु जिसमें 75% तांबा, 2.3% जस्ता, 2.8% वंग 16% निकैल, 2% कोबाल्ट, 0.5% ऐलुमिनियम औऱ 1.5% लोहा होता है। यह उत्तम चर्मल और संक्षारणरोधी होता है। इसका उपयोग रासायनिक संयत्रों के पुरजों को बनाने में होता है।

Kellog hot top process

केलॉग तप्त शीर्ष प्रक्रम
एक पिंड-संचकन प्रक्रम जिसमें गालक की संरक्षी परत में निमज्जित इलेक्ट्रोड से नियंत्रित धारा के विसर्जन द्वारा पिंड-संच में उपस्थित धातु के ऊपरी भाग को गरम किया जाता है।

Kellong process

केलॉग प्रक्रम
इस्पात सिल्लियों के उत्पादन का प्रक्रम। इसमें कार्बन-इस्पात इलेक्ट्रोडों को नलिकाकार इलेक्ट्रोडों के अंदर संगलित किया जाता है जिनसे होकर संरक्षी गालक के आवरण में मिश्रात्वन सामग्री, कार्बन-इस्पात के पृष्ठ में प्रवेश करती है।

Kennal metal

केना धातु
कोबाल्ट अथवा अन्य बंधक से सिंटरित टंगस्टन-टाइटेनियम कार्बाइड से बना एक कठोर मिश्रातु। टंगस्टन, टाइटेनियम और ग्रैफाइट को उपयुक्त अनुपात में ग्रैफाइट क्रुसिबल में लगभग 2000°C ताप पर गरम किया जाता है। धान में निकैल मिलाया जाता है जो संघटकों को परस्पर मिश्रित होने में सहायता करता है। ठंडा होने पर निकैल को ऐक्वारेजिया में घोलकर पृथक कर देते हैं और अतिरिक्त ग्रैफाइट को धोकर अलग कर दिया जाता है।

Kermet

करमेट
एक ताम्र मिश्रातु जिसमें 2% निकैल औऱ 33–37 % सीसा होता है। इसका घर्षण कम होता है। इसका उपयोग बेयरिंगों और वायुयान के इंजनों में होता है।

Killed steel

हत इस्पात
वह इस्पात जिसे संचकन से पहले मैंगनीज, सिलिकन औऱ ऐलुमिनियम आदि को मिलाकर पूरी तरह विऑक्सीकृत कर दिया गया हो ताकि पिंडन के समय गैसें न निकलें और उत्तम पिंड प्राप्त हों। हत इस्पात में संकुचन कोटर (Shrinkage cavity) अथवा पाइप, पिंड के ऊपरी भाग अथवा भरक शीर्ष तक ही सीमित रहते हैं। इसे पूर्णहत इस्पात और पाइपन इस्पात भी कहते हैं।

Killing

हनन
1. अंतिम रूप से ऊष्मा-उपचारित इस्पात की पट्टी का किंचित अतप्त कर्मण। इसका अभिप्राय बाद में प्रयोग करते समय इस्पात में तानक विकृतियों (Stretcher strains) और विकुंचनों (Kinks) को उत्पन्न होने से रोकना है।
2. देखिए– Killed steel

Kiln

भट्टा
एक भट्टी जिसकी लंबाई, व्यास की अपेक्षा अधिक होती है तथा वह क्षैतिज अवस्था में प्रयुक्त की जाती है। उसमें ऐसी तापन-क्रियाएँ की जाती हैं जिनमें बहुधा संगलन नहीं होता हैं। भट्टों का उपयोग मुख्यतः निस्तापन के लिए होता है। इनमें हवा मुक्त रूप से प्रवाहित होने दी जाती है। कच्चे पदार्थों को ईंधन जलाकर गरम किया जाता है। कभी-कभी गरम करने के लिए गैस अथवा दूसरे भट्टियों की अपशिष्ट ऊष्मा का भी प्रयोग किया जाता है। भट्टे का खोल इस्पात का बना होता है जिसमें अंदर की ओर उच्च तापसह पदार्थ का आस्तर लगा होता है।

Kink

विकुंच
परिसज्जन बेलनों से निकलने वाली छड़ में तरंगिलता उत्पन्न हो जाती है। यदि तरंगिलता ऊर्घ्व स्थिति में हो तो उसे बकल, और तिरछी स्थिति में हो तो उसे किंक कहते हैं।

Kinzel test

किंजेल परीक्षण
तन्यता नापने का परीक्षण। इसमें नमूने के दोनों किनारों को आलंबों पर टिकाकर कुट्टक को 2.5 सेपी प्रति मिनट की दर से चलाकर दबाया जाता है। नमूने का माप इस प्रकार होता है– चौड़ाई 7.5 सेमी, लंबाई 20 सेमी, प्लेट के बराबर मोटाई, अर्धव्यास 0.0254 सेमी, खांच 45°, गहराई 0.127 सेमी।

Kirkendall effect

किरकेंडाल प्रभाव
कभी-कभी ठोस धातुओं और मिश्रातुओं में पाई जाने वाली विसरण-परिघटना। जब 70/30 पीतल का तांबे के साथ विद्युतलेपन करने से बने संयुक्त नमूनों को गरम किया जाता है तो परस्पर विसरण होता है और मूल अंतरापृष्ठ, पीतल की ओर विस्थापित हो जाता है। ऐसा ज्ञात हुआ है कि जस्ते का तांबे में विसरण तीव्र गति से होता है जब कि तांबे का पीतल में विसरण अपेक्षाकृत मंद गति से होता है। इस प्रकार का वरणात्मक विसरण तांबे का तांबा-वंग या तांबा-ऐलुमिनियम मिश्रातुओं में, तांबे का सोना और निकैल धातुओं में और सोने का चाँदी में पाया गया है।

Kish

किश
देखिए– Casting defect
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